अधूरी हमारी कहानी
मिलो तो कुछ इस तरह मिलना,
मुझ में पूरी तरह समा जाना |
बिछड़ो तो कुछ ऐसे जाना,
थोड़ा मुझसे तुम साथ ले जाना
थोड़ा अपना कुछ पीछे छोड़ जाना |
कभी मद्धम, धीरे से मेरे पास आना
कभी आतुर, उफनते हुए मुझ पे छा जाना |
कभी शोर से अपनी हँसी जता जाना
कभी खामोशी से अपना दर्द बता जाना |
दूर तक फैला तेरा जादू,
एक कोने में बस मैं बसता हूँ |
पर जब जब तू पास आती है मेरे,
मैं भी चुपके से हंसता हूँ |
घंटों तुझसे बातें करता,
तेरे आस पास मैं चहकता हूँ |
और जब तू मुझे में सिमट जाए…
तेरी खुश्बू से मैं महकता हूँ |
तेरे बिन मैं सिर्फ़ रेत हूँ,
मेरे बिन तू बस पानी…
एक दूजे के बिन हम अधूरे हैं
और अधूरी हमारी कहानी…
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With warm regards